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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चिकन खिलाने के फायदे :-
चिकन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। इसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के मिनरलà¥à¤¸ जैसे- कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर और मैंगनीज पाया जाता है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ का मानना है कि बचà¥à¤šà¥‡ को शारीरिक और मानसिक विकास के लिठसबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जिंक और आयरन की जरूरत होती है। चूंकि मां के दूध में आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ नहीं पाई जाती है, इसलिठइसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठमीट या चिकन का सेवन कराया जा सकता है।
चिकन में कॉपर और मैंगनीज बहà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। इसका अरà¥à¤¥ ये है कि बचà¥à¤šà¥‡ को चिकन या मीट खिलाने से à¤à¥€ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण मिल सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दलिया के साथ मीट की पà¥à¤¯à¥‚री दी जाती है, तो उसमें à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी बीमारी नहीं होती है।
बचà¥à¤šà¥‡ के लिठचिकन कैसे पकाà¤à¤‚
अगर आप 7 महीने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को चिकन या कोई मीट दे रही हैं, तो उसे पूरा पकाकर पà¥à¤¯à¥‚री के रूप में ही दें।
बचà¥à¤šà¥‡ को चिकन देते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि इसको पकाते समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मसाले, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न किया गया हो।
बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहमेशा बोन-लेस चिकन का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। अगर आप बोनस वाले चिकन को पकाती हैं, तो हो सकता है इसके टà¥à¤•ड़े पà¥à¤¯à¥‚री में रह जाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को कà¤à¥€ à¤à¥€ मीट, चिकन, मछली या अंडे उबालकर न दें।
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